यूरिन इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection – UTI) एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे नज़रअंदाज़ करना नुकसानदायक हो सकता है। सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान और उचित इलाज बेहद ज़रूरी है। यह संक्रमण पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है, हालांकि महिलाओं में इसका जोखिम अधिक होता है। ऐसे में सही जांच और प्रभावी उपचार के लिए Urology Doctor से परामर्श लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
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यूरिन इन्फेक्शन क्या है?
यूरिन इन्फेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट (मूत्र मार्ग) में प्रवेश कर जाते हैं। यह संक्रमण मूत्राशय (ब्लैडर), मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा), किडनी या प्रोस्टेट तक फैल सकता है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण क्या हैं?
यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण व्यक्ति की उम्र, लिंग और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करते हैं। आम तौर पर दिखने वाले यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण इस प्रकार हैं:
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- बहुत कम मात्रा में पेशाब आना
- पेशाब में बदबू आना
- पेशाब का रंग गहरा या मटमैला होना
- पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द
- बुखार या ठंड लगना (गंभीर मामलों में)
ये सभी पेशाब में इन्फेक्शन के लक्षण शुरुआती संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
महिलाओं में पेशाब में इन्फेक्शन के लक्षण
महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में आम पेशाब में इन्फेक्शन के लक्षण हैं:
- पेशाब के दौरान तेज जलन
- योनि के आसपास दर्द या असहजता
- पेशाब के बाद भी पेशाब आने का एहसास
- हल्का बुखार और थकान
गर्भावस्था के दौरान यूरिन इन्फेक्शन अधिक खतरनाक हो सकता है, इसलिए तुरंत जांच ज़रूरी है।
पुरुषों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण
पुरुषों में यूरिन इन्फेक्शन अक्सर प्रोस्टेट या मूत्रमार्ग की समस्या से जुड़ा होता है। पुरुषों में दिखने वाले लक्षण:
- पेशाब करते समय दर्द
- कमर या अंडकोष के आसपास दर्द
- पेशाब रुक-रुक कर आना
- बुखार और कमजोरी
ऐसे मामलों में विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहद जरूरी होता है।
यूरिन इन्फेक्शन के कारण क्या हैं?
अब बात करते हैं यूरिन इन्फेक्शन के कारण की। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- साफ-सफाई की कमी
- लंबे समय तक पेशाब रोकना
- कम पानी पीना
- डायबिटीज
- कमजोर इम्यून सिस्टम
- किडनी स्टोन
- कैथेटर का लंबे समय तक उपयोग
- असुरक्षित यौन संबंध
इन कारणों की वजह से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और संक्रमण हो जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण
बच्चों में लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जैसे बुखार, चिड़चिड़ापन या पेशाब में जलन।
बुजुर्गों में भ्रम, कमजोरी और अचानक व्यवहार में बदलाव भी यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण हो सकते हैं।
यूरिन इन्फेक्शन की जांच कैसे होती है?
डॉक्टर आमतौर पर निम्न जांचें करवाते हैं:
- यूरिन टेस्ट
- यूरिन कल्चर
- अल्ट्रासाउंड (जरूरत पड़ने पर)
सही जांच से संक्रमण के प्रकार और कारण का पता चलता है।
यूरिन इन्फेक्शन का इलाज क्या है?
यूरिन इन्फेक्शन का इलाज समय पर शुरू किया जाए तो पूरी तरह ठीक हो सकता है। इलाज में शामिल हैं:
- डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक दवाएं
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
- दर्द और जलन के लिए सहायक दवाएं
अनुभवी यूरोलॉजिस्ट डॉ. दुश्यंत पवार के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है और संक्रमण बार-बार लौट सकता है।
यूरिन इन्फेक्शन से बचाव कैसे करें?
कुछ आसान उपाय अपनाकर यूरिन इन्फेक्शन से बचा जा सकता है:
- दिन में 8–10 गिलास पानी पिएं
- पेशाब रोककर न रखें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- यौन संबंध के बाद पेशाब करें
- डायबिटीज को कंट्रोल में रखें
डॉ. दुश्यंत पवार बताते हैं कि सही दिनचर्या और समय पर जांच यूरिन इन्फेक्शन से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर आपको बार-बार यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण दिखाई दें, बुखार आए, या पेशाब में खून दिखे, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। समय पर इलाज से किडनी को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
यूरिन इन्फेक्शन भले ही आम समस्या हो, लेकिन इसे हल्के में लेना सही नहीं है। इसके कारणों, पेशाब में इन्फेक्शन के लक्षण और समय पर सही इलाज की जानकारी आपको गंभीर जटिलताओं से बचा सकती है। यदि आप Urinary Tract Infection Treatment in Ahmedabad की तलाश में हैं, तो एक अनुभवी Urology Expert की सलाह लेना सबसे सही कदम है। सही जांच, सटीक उपचार और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से यूरिन इन्फेक्शन को पूरी तरह नियंत्रित और दोबारा होने से रोका जा सकता है। लक्षण दिखाई देते ही देरी न करें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि आप जल्दी स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकें।



